Rajasthan Pashupalak Loan Yojana राजस्थान जैसे सूखा और रेगिस्तानी इलाक़ों में खेती से ज़्यादा फायदा पशुपालन से होता है, क्योंकि वहां की जलवायु में गाय, ऊंट, बकरी और भेड़ पालन से ना सिर्फ़ रोज़ी चलती है, बल्कि सरकार की सब्सिडी और योजनाएं लोगों की कमर सीधा कर देती हैं, प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा लगातार इस क्षेत्र में नई योजनाओं का विस्तार किया जा रहा हैं
चलो जानते हैं राजस्थान के किसानों/पशुपालकों को किन किन योजना के तहत लाभ मिलेगा और किन योजना के तहत लोन दिया जा रहा हैं आवेदन कैसे करें इसके साथ योजना से जुड़ी अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारी आपको प्रदान की जाएगी
अगर आप भी पशुपालक हैं, या बनना चाहते हैं — ये 5 योजनाएं आपकी ज़िंदगी की दिशा बदल सकती हैं, और पशु पलकों की हर जरूरत को ये योजना पूरा करने के लिए बनाई गई हैं
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक योजना (CM Dugdh Utpadak Yojana Rajasthan)
Rajasthan Pashupalak Loan Yojana: राजस्थान पशुपालक लोन योजना राजस्थान जैसे सूखे राज्य में पशुओं की तो भरमार हैं लेकिन उन पशुओं से मिलने वाली आमदनी को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की योजना बनाई गई हैं इस योजना का मकसद राजस्थान में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना, किसानों की प्रति लीटर आमदनी बढ़ाना और ग्राम स्तर पर डेयरी उद्योग को खड़ा करना है।
लोन और सब्सिडी डिटेल्स:
2 या 4 पशुओं (गाय/भैंस) के लिए ₹1.50 लाख तक का लोन यानि अगर आपको घर में पशु हैं तो आपको इस योजना के तहत 1 लाख 50 हजार रुपए तक लोन मिलेगा, ये लोन हर पशुपालक प्राप्त कर सकता हैं इसके लिए आवेदन कैसे करना इसकी पूरी जानकारी आगे प्रदान की गई हैं
सब्सिडी:- सरकार इस योजना के तहत लोन लेने के बाद राशि भुगतान में छूट प्रदान करती हैं यानी लोन माफ किया जाता हैं जैसे इस योजना के तहत डेयरी यूनिट लगाने पर 25% सब्सिडी, SC/ST वर्ग को 33% तक प्रदान की जाती हैं
ब्याज दरें:- राज्य सरकार ब्याज दर को सब्सिडी से घटाकर 3%–5% कर देती है
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक योजना पात्रता:
• आवेदक राजस्थान के स्थायी निवासी होना चाहिए
• बैंक खाता, आधार और जनाधार लिंक होना अनिवार्य हैं बिना इन डॉक्यूमेंट के अप्लाई नहीं कर सकते।
• आवेदनकर्ता के पास पशुओं को रखने का स्थान होना चाहिए
सहकारी डेयरी सोसायटी का सदस्य होना जरूरी नहीं, लेकिन होने पर प्राथमिकता
राजस्थान पशुपालक लोन योजना: लोन कहाँ से मिलेगा?
राज्य नजदीकी किसी सहकारी बैंक से लोन प्राप्त कर सकते हैं
ग्रामीण बैंक, BOB, SBI, ICICI आपके नजदीक इन बैंको जानकारी लेकर लोन प्राप्त कर सकते हैं
पशुपालन विभाग से अप्लाई प्रॉसेस अप्रूवल बाद बैंक लोन जारी किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया:
1. e-Mitra या SSO ID से ऑनलाइन आवेदन
2. पशुपालन विभाग का अप्रूवल लेना होगा
3. बैंक में दस्तावेज़ जमा करने के बाद फील्ड वेरीफिकेशन होता है
4. लोन मिलने के बाद बिल जमा करने पर सब्सिडी सीधे खाते में आती है
राष्ट्रीय पशुधन मिशन – बकरी पालन योजना (Goat Farming – NLM Scheme)
Rajasthan Pashupalak Loan Yojana ग्रामीण क्षेत्र में कम लागत में बड़ा फायदा देने वाला यह व्यवसाय है। बकरी पालन से दूध, मांस और खाद तीनों मिलते हैं, इसी कारण राज्य सरकार ग्रामीण लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन लोन योजना की शुरुआत की है
लोन व सब्सिडी:
10–20 बकरी + 1 बकरा के सेटअप पर ₹1.20 लाख तक का लोन
25% सामान्य वर्ग के लिए, SC/ST को 35% सब्सिडी
सब्सिडी बैंक के जरिए डायरेक्ट ट्रांसफर होती है (DBT)
बकरी पालन की वापसी बहुत तेज़ है। एक साल में हर बकरी 2 बार बच्चे देती है
एक बकरी से साल में 4 बच्चे भी मिल सकते हैं — यानी अगले साल 10 से 40!
जरूरी दस्तावेज़:
लोन योजना में आवेदन करने से पहले इन सभी डॉक्यूमेंट को तैयार जरूर कर लें
आधार कार्ड, पासबुक, जाति प्रमाण पत्र
बकरी रखने की जगह का नक्शा या स्वघोषणा
पंचायत से NOC
आवेदन कैसे करें
अपने नजदीकी e-Mitra से फॉर्म भरें,
नजदीकी पशु चिकित्सक से आवेदन सत्यापित कराएं
बैंक से अप्रूवल लेकर लोन लें
एक बार लोन के बाद 3 साल तक सब्सिडी पर नियंत्रण रहेगा
NABARD डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS – Dairy Entrepreneurship Development Scheme)
डेयरी यूनिट लगाने के लिए केंद्र सरकार और NABARD द्वारा चलायी जा रही प्रमुख योजना है, नाबार्ड से जुड़ी ये योजना लाखों किसानों या पशुपालकों को लाभ दे रही हैं इसमें अगर कोई किसान डेयरी यूनिट लगाना चाहते हैं उनको सरल तरीके से आसान लोन प्रदान किया जाता हैं
कुछ मुख्य शर्तें
2–10 गाय/भैंस वाली यूनिट होनी चाहिए
कूलिंग यूनिट होनी चाहिए
दूध संग्रहण केंद्र
वर्मी कंपोस्ट और यूरिया ट्रीटमेंट यूनिट
लाभ और सब्सिडी:
NABARD डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS – Dairy Entrepreneurship Development Scheme) से ₹1.5 लाख से ₹7 लाख तक का लोन प्रदान किया जाता हैं
सब्सिडी या छूट:- 25% सब्सिडी (SC/ST को 33.33%)
सब्सिडी सीधे बैंक में ट्रांसफर होती है, बिल जमा करने के बाद
योजना पूरे साल चलती है, लेकिन सब्सिडी कोटा सीमित होता है
आवेदन प्रक्रिया:
1. नजदीकी बैंक/NABARD शाखा से संपर्क और योजना की पूरी जानकारी लें और नियम शर्तें वगैरा देखें उसके बाद अपने डॉक्यूमेंट तैयार करें
2. योजना फार्म भरकर दस्तावेज़ जमा करें
3. स्थल जांच के बाद फाइनेंस होगा
4. डेयरी सेटअप चालू होने के बाद सब्सिडी की प्रक्रिया
ऊंट संरक्षण अनुदान योजना (Camel Conservation Subsidy Scheme)
ऊंट संरक्षण अनुदान योजना प्रदेश सरकार द्वारा ऊंट पशु के लिए शुरू की गई योजना जिसके तहत पशुपालकों को आर्थिक मदद प्रदान की जाती हैं, राजस्थान का ऊँट, जिसे “रेगिस्तान का जहाज” कहा जाता है, विलुप्ति की कगार पर है। सरकार इसका संरक्षण कर रही है।
सब्सिडी डिटेल:
प्रति ऊंटनी (Female camel) के लिए ₹10,000 वार्षिक
एक ऊँटपालक को अधिकतम 6 ऊंटनी तक लाभ मिलेगा
पशु ID टैगिंग जरूरी कर दी गई हैं सबके लिए
कुछ खास शर्त:
ऊँटनी का प्रजनन होना चाहिए (Pregnant या पिछले 12 महीने में बच्चा दिया हो)
ऊँट का उपयोग माल ढुलाई/सवारी में नहीं किया गया हो
ऊंट पशु की बिमारी का 4तुरंत इलाज होना चाहिए (किसी भी बिमारी का)
आवेदन:
पशुपालन विभाग की साइट पर जाकर इस योजना को सलेक्ट करके योजना की विस्तृत नियमों को पढ़ने के बाद यहां से अप्लाई कर सकते हैं
सभी ऊंटपालकों के लिए पंजीकरण जरूरी होना चाहिए
डॉक्यूमेंट: टैग नंबर, फोटो, पहचान पत्र, पंचायत प्रमाण होना चाहिए।
भेड़-पालन योजना (Sheep Farming Loan Scheme)
राजस्थान पशुपालक लोन योजना थार और मरुस्थलीय क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी – राजस्थान की ऊन और मटन इंडस्ट्री को सपोर्ट करना, राज्य के लाखों भेड़ पलकों को बड़ी राहत मिली इस योजना से क्योंकि इस योजना द्वारा ही यहां के आम भेद पलकों को आर्थिक मदद प्रदान की जाती हैं
लोन-सब्सिडी:
सरकार द्वारा हर योजना पर विशेष और पिछड़े वर्ग को लोन में सब्सिडी के तहत छूट दी जाती हैं जो कुछ इस प्रकार हैं
20 भेड़ + 1 मेंढे पर ₹1.5 लाख तक का लोन
SC/ST को 35% सब्सिडी, OBC/Gen को 25%
यूनिट बनते ही सब्सिडी DBT से खाते में ट्रांसफर
जरूरी बातें:
भूमि की उपलब्धता (पट्टा, किरायानामा चलेगा)
भेड़-बाड़ा तैयार होना चाहिए
पशु खरीदी बिल, डॉक्यूमेंट्स सहित जमा करने पर सब्सिडी
डॉक्यूमेंट विवरण
आधार कार्ड जनआधार से लिंक अनिवार्य
बैंक पासबुक लोन और सब्सिडी DBT के लिए
जाति प्रमाण SC/ST के लिए अनिवार्य
NOC/भूमि कागज़ जहां पशु रखने हैं
पंचायत प्रमाणपत्र ग्रामीण क्षेत् मेंहोना
मेरी राय:
Rajasthan Pashupalak Loan Yojana: सरकार ने योजनाएं तो बनाई हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर जानकारी और समझ का अभाव है। किसानों और पशुपालकों को ई-मित्र और ग्राम सेवक के जरिए सही गाइडेंस मिल जाए तो हजारों लोग आत्मनिर्भर बन सकते हैं। मैंने खुद कई पशुपालकों को बकरी पालन से ₹3-4 लाख सालाना कमाते देखा है – वो भी सिर्फ 10 बकरियों से! राजस्थान जैसे राज्य में जहां पानी और ज़मीन दोनों सीमित हैं – पशुपालन ही असली “सोना” है।
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